POET: Poets

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक – शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ | Toofanon Ki Or Ghuma Do Navik – Shivmangal Singh “Suman”

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार आज सिन्धु ने विष उगला हैलहरों का यौवन मचला हैआज हृदय में और सिन्धु मेंसाथ उठा है...

चलना हमारा काम है – शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ | Chalna Humara Kaam Hai – Shivmangal Singh “Suman”

गति प्रबल पैरों में भरीफिर क्यों रहूं दर दर खडाजब आज मेरे सामनेहै रास्ता इतना पडाजब तक न मंजिल पा सकूँ,तब तक मुझे न...

मापदण्ड बदलो – दुष्यंत कुमार | Maapdand Badlo – Dushyant Kumar

मेरी प्रगति या अगति कायह मापदण्ड बदलो तुम,जुए के पत्ते-सामैं अभी अनिश्चित हूँ ।मुझ पर हर ओर से चोटें पड़ रही हैं,कोपलें उग रही...

आग जलती रहे – दुष्यंत कुमार | Aag Jalti Rahe – Dushyant Kumar

एक तीखी आँच नेइस जन्म का हर पल छुआ,आता हुआ दिन छुआहाथों से गुजरता कल छुआहर बीज, अँकुआ, पेड़-पौधा,फूल-पत्ती, फल छुआजो मुझे छूने चलीहर...

कृष्ण की चेतावनी – रामधारी सिंह “दिनकर” |Krishna Ki Chetawani – Ramdhari Singh “Dinkar”

वर्षों तक वन में घूम-घूम,बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,पांडव आये कुछ और निखर।सौभाग्य न सब दिन सोता है,देखें, आगे क्या होता है। मैत्री की राह...

तुम चलो तो सही – नरेंद्र वर्मा | Tum Chalo Toh Sahi – Narendra Verma

राह में मुश्किल होगी हजार,तुम दो कदम बढाओ तो सही,हो जाएगा हर सपना साकार,तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही। मुश्किल है पर इतना...

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